ऑस्ट्रेलिया एकादश के खिलाफ जारी चार दिवसीय अभ्यास मैच में भारत ने दूसरे दिन पहली पारी में 358 रन बनाए। भारत की ओर से पांच बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाए। पृथ्वी शॉ टॉप स्कोरर रहे। उन्होंने 66 रन बनाए। जवाब में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया -11 ने दिन का खेल खत्म होने तक बिना विकेट खोए 24 रन बना लिए थे। डॉर्शी शॉर्ट 10 और मैक्स ब्रॉयंट 14 रन बनाकर नाबाद हैं।
पृथ्वी शॉ भारत के टॉप स्कोरर रहे
भारत की ओर से पृथ्वी के अलावा अंजिक्य रहाणे, कप्तान विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा और हनुमा विहारी ने अर्धशतक बनाए। रहाणे 56 रन पर रिटायर्ड हर्ट हुए। कोहली ने 64, पुजारा ने 54 और हनुमा ने 53 रन बनाए।
पहले दिन बारिश के कारण एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी थी। दूसरे दिन गुरुवार को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया-11 ने भारत को बल्लेबाजी का न्योता दिया। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और महज 16 के स्कोर पर केएल राहुल (तीन रन) आउट हो गए।
इसके बाद पृथ्वी और पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए 80 रन जोड़े। पृथ्वी के आउट होने के बाद पुजारा ने कोहली के साथ तीसरे विकेट के लिए 73 रन की साझेदारी की। टीम का स्कोर जब 169 रन था, तभी पुजारा आउट हो गए। उनकी जगह रहाणे ने क्रीज संभाली।
रहाणे और कोहली चौथे विकेट के लिए 35 रन ही जोड़ पाए थे कि एरॉन हार्डी ने अपनी ही गेंद पर भारतीय कप्तान का कैच लपक लिया। कोहली की जगह आए हनुमा और रहाणे ने पांचवें विकेट के लिए 81 रन जोड़े। हालांकि, 285 के स्कोर पर विहारी आउट हो गए।
इसके बाद रहाणे ने रोहित शर्मा के साथ छठे विकेट के लिए 62 रन की साझेदारी की और स्कोर को 347 तक पहुंचाया। हालांकि, इसी स्कोर पर हार्डी ने रोहित को शॉर्ट के हाथों कैच कराया। इसी गेंद पर रोहित को भी रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा। रोहित ने 40 रन बनाए।
रोहित-रहाणे के पवेलियन लौटने के बाद 11 रन और जुड़े पूरी टीम ऑलआउट हो गई। ये 11 रन ऋषभ पंत ने बनाए। रविचंद्रन अश्विन, मोहम्मद शमी और उमेश यादव शून्य पर आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा 4 विकेट हार्डी ने लिए। जैक्सन कोलमैन, ल्यूक रोबिन्स, डेनियल फॉलिंस और शॉर्ट ने 1-1 विकेट झटके।
Thursday, November 29, 2018
Tuesday, November 27, 2018
एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया ने शुरू किया मिनिमम मंथली रिचार्ज प्लान,
भारतीय टेलीकॉम इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है, हालांकि ये बदलाव सिर्फ वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल के ग्राहकों के लिए हो रहा है। दरअसल, इन तीनों कंपनियों ने अपने ग्राहकों के लिए मिनिमम मंथली प्लान पेश किया है और हर ग्राहक को अपना नंबर चालू रखने के लिए इन्हें रिचार्ज कराना जरूरी है। अपना नंबर चालू रखने के लिए एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया ग्राहकों को हर महीने कम से कम 35 रुपए का रिचार्ज कराना जरूरी है।
क्यों हो रहा है ऐसा?
दरअसल, आजकल ज्यादातर यूजर ड्युअल सिम का इस्तेमाल करते हैं। पहली सिम में तो ग्राहक रिचार्ज करा लेते हैं, लेकिन दूसरी सिम में सिर्फ इनकमिंग कॉल और नंबर चालू रखने के लिए ग्राहक 10 रुपए का रिचार्ज कराते हैं। इस वजह से टेलीकॉम कंपनियां का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) कम हो रहा है।
हालांकि, इन तीनों कंपनियों ने ऐसा अपने 2G नेटवर्क यूज कर रहे ग्राहकों के लिए किया है। इसके अलावा ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है ताकि 2G ग्राहकों को कम किया जा सके और 4G ग्राहकों की संख्या को बढ़ाया जा सके।
आजकल सस्ता डेटा और फ्री आउटगोइंग कॉल्स मिलने के कारण ग्राहक अपने नंबर पर रिचार्ज नहीं कराते हैं, जिससे कंपनियां रेवेन्यू जनरेट नहीं कर पा रही हैं। इसी वजह से कंपनियां मिनिमम मंथली प्लान लेकर आईं हैं।
कम से कम 35 रुपए का रिचार्ज कराना जरूरी : मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरटेल के 10 करोड़ और वोडाफोन-आइडिया के 15 करोड़ ग्राहक हर महीने 35 रुपए से भी कम का रिचार्ज कराते हैं। इसलिए इन कंपनियों ने अपने मिनिमम मंथली प्लान की शुरुआत भी 35 रुपए ही रखी है, जो हर एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया ग्राहकों को कराना जरूरी है।
100 रुपए के अंदर हैं सभी प्लान
एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया ने मिनिमम मंथली प्लान 100 रुपए के अंदर रखे हैं, जो लगभग एक जैसे ही हैं। सबसे सस्ता प्लान 35 रुपए का है, जिसमें 26 रुपए का टॉकटाइम और 100 एमबी डेटा मिलेगा। इस प्लान में 1 पैसा प्रति सेकंड के हिसाब से कॉलिंग चार्ज लिया जाएगा।
इसके बाद एक 65 रुपए का प्लान है जिसमें 55 रुपए का टॉकटाइम और 200 एमबी डेटा मिलेगा। इसमें भी 1 पैसा प्रति सेकंड की दर से कॉलिंग चार्ज लिया जाएगा।
सबसे महंगा प्लान 95 रुपए का है, जिसमें 95 रुपए का फुल टॉकटाइम और 500 एमबी डेटा मिलेगा। इस प्लान में 30 पैसा प्रति मिनट की दर से कॉलिंग चार्ज लिया जाएगा।इन तीनों ही प्लान की वैलिडिटी 28 दिनों की होगी।
रिचार्ज नहीं कराने पर नंबर होगा बंद : कंपनियों ने ये सभी प्लान 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ लॉन्च किए हैं। मतलब कम से कम 35 रुपए का रिचार्ज कराने पर भी 28 दिन की वैलिडिटी मिलेगी और इतने ही दिनों तक आउटगोउंग कॉल की सुविधा मिलेगी। अगर वैलिडिटी खत्म होने के बाद रिचार्ज नहीं कराते हैं तो 15 दिन बाद इनकमिंग कॉल्स की सुविधा और 90 दिन बाद नंबर बंद कर दिया जाएगा।
14 साल पहले आया था मिनिमम मंथली रिचार्ज मॉडल : टेलीकॉम कंपनियों ने 14 साल पहले 2004 में मिनिमम मंथली रिचार्ज मॉडल पेश किया था। इसके तहत 999 रुपए का रिचार्ज कराने पर 'लाइफटाइम फ्री इनकमिंग कॉल' की सुविधा मिलती थी। इस प्लान में ग्राहकों को इनकमिंग तो फ्री मिल जाती थी, लेकिन एसएमएस और आउटगोइंग कॉल्स के लिए रिचार्ज कराना होता था। इस प्लान के तहत ग्राहकों को अपना नंबर एक्टिवेट रखने के लिए 6 महीने में कम से कम 10 रुपए का रिचार्ज कराना जरूरी होता था।
क्यों हो रहा है ऐसा?
दरअसल, आजकल ज्यादातर यूजर ड्युअल सिम का इस्तेमाल करते हैं। पहली सिम में तो ग्राहक रिचार्ज करा लेते हैं, लेकिन दूसरी सिम में सिर्फ इनकमिंग कॉल और नंबर चालू रखने के लिए ग्राहक 10 रुपए का रिचार्ज कराते हैं। इस वजह से टेलीकॉम कंपनियां का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) कम हो रहा है।
हालांकि, इन तीनों कंपनियों ने ऐसा अपने 2G नेटवर्क यूज कर रहे ग्राहकों के लिए किया है। इसके अलावा ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है ताकि 2G ग्राहकों को कम किया जा सके और 4G ग्राहकों की संख्या को बढ़ाया जा सके।
आजकल सस्ता डेटा और फ्री आउटगोइंग कॉल्स मिलने के कारण ग्राहक अपने नंबर पर रिचार्ज नहीं कराते हैं, जिससे कंपनियां रेवेन्यू जनरेट नहीं कर पा रही हैं। इसी वजह से कंपनियां मिनिमम मंथली प्लान लेकर आईं हैं।
कम से कम 35 रुपए का रिचार्ज कराना जरूरी : मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरटेल के 10 करोड़ और वोडाफोन-आइडिया के 15 करोड़ ग्राहक हर महीने 35 रुपए से भी कम का रिचार्ज कराते हैं। इसलिए इन कंपनियों ने अपने मिनिमम मंथली प्लान की शुरुआत भी 35 रुपए ही रखी है, जो हर एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया ग्राहकों को कराना जरूरी है।
100 रुपए के अंदर हैं सभी प्लान
एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया ने मिनिमम मंथली प्लान 100 रुपए के अंदर रखे हैं, जो लगभग एक जैसे ही हैं। सबसे सस्ता प्लान 35 रुपए का है, जिसमें 26 रुपए का टॉकटाइम और 100 एमबी डेटा मिलेगा। इस प्लान में 1 पैसा प्रति सेकंड के हिसाब से कॉलिंग चार्ज लिया जाएगा।
इसके बाद एक 65 रुपए का प्लान है जिसमें 55 रुपए का टॉकटाइम और 200 एमबी डेटा मिलेगा। इसमें भी 1 पैसा प्रति सेकंड की दर से कॉलिंग चार्ज लिया जाएगा।
सबसे महंगा प्लान 95 रुपए का है, जिसमें 95 रुपए का फुल टॉकटाइम और 500 एमबी डेटा मिलेगा। इस प्लान में 30 पैसा प्रति मिनट की दर से कॉलिंग चार्ज लिया जाएगा।इन तीनों ही प्लान की वैलिडिटी 28 दिनों की होगी।
रिचार्ज नहीं कराने पर नंबर होगा बंद : कंपनियों ने ये सभी प्लान 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ लॉन्च किए हैं। मतलब कम से कम 35 रुपए का रिचार्ज कराने पर भी 28 दिन की वैलिडिटी मिलेगी और इतने ही दिनों तक आउटगोउंग कॉल की सुविधा मिलेगी। अगर वैलिडिटी खत्म होने के बाद रिचार्ज नहीं कराते हैं तो 15 दिन बाद इनकमिंग कॉल्स की सुविधा और 90 दिन बाद नंबर बंद कर दिया जाएगा।
14 साल पहले आया था मिनिमम मंथली रिचार्ज मॉडल : टेलीकॉम कंपनियों ने 14 साल पहले 2004 में मिनिमम मंथली रिचार्ज मॉडल पेश किया था। इसके तहत 999 रुपए का रिचार्ज कराने पर 'लाइफटाइम फ्री इनकमिंग कॉल' की सुविधा मिलती थी। इस प्लान में ग्राहकों को इनकमिंग तो फ्री मिल जाती थी, लेकिन एसएमएस और आउटगोइंग कॉल्स के लिए रिचार्ज कराना होता था। इस प्लान के तहत ग्राहकों को अपना नंबर एक्टिवेट रखने के लिए 6 महीने में कम से कम 10 रुपए का रिचार्ज कराना जरूरी होता था।
Monday, November 26, 2018
पार्किंग के झगड़े में बदमाशों ने की हवाई फायरिंग, इलाके में दहशत
दिल्ली के इंद्रलोक इलाके में पार्किंग को लेकर दो दिन पहले हुए झगड़े ने एक बार फिर इलाके में दहशत फैला दी है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इसी विवाद में रविवार को देर रात स्कूटी पर आए दो लोगों ने हवाई फायरिंग की. पार्किंग विवाद में तीन लोगों पर आरोप है. पुलिस ने इन तीन आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी चल रही है.
रविवार रात 6 राउंड हवाई फायरिंग
दिल्ली के इंद्रलोक में लोग तब दहशत में आ गए जब रविवार को देर रात स्कूटी सवार दो बदमाशों ने करीब 6 राउंड हवाई फायरिंग की. इस घटना को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए. हालांकि फरार होते वक्त ये बदमाश सीसीटीवी की जद में आ गए. स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पूरा मामला पार्किंग विवाद को लेकर है.
लोगों के मुताबिक गुरु पर्व की रात एक खास समुदाय के लोगों से दूसरे समुदाय के लोगों की लड़ाई हुई थी. इस लड़ाई की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है. इस फुटेज में दिख रहा कि एक खड़ी कार को दूसरी कार में सवार लोगों ने 6 बार टक्कर मारी और फरार हो गए. इसके बाद कार मालिक अपनी कार तक पहुंच जाता है. फिर दोनो तरफ से पत्थर बाजी शुरू हो जाती है.
मामले में एक शख्स गिरफ्तार
पुलिस ने इस बाबत मामला दर्ज कर एक शख़्स को गिरफ्तार भी कर लिया है. इस घटना के बाद से ही एक पक्ष दूसरे पर समझौते का दबाव बना रहा था. एक पक्ष ने समझौते को मानने से इनकार कर दिया, तो दूसरे पक्ष की ओर से रविवार को हवाई फायरिंग की गई. फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है. सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है. इसके साथ ही पुलिस ने इलाके के लोगों से भी ये अपील की है कि पार्किंग के इस विवाद को सामुदायिक झगड़े का रंग देने की कोशिश न करें.
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि अगर हमारे बस में होता तो अब तक राम मंदिर बन चुका होता. उन्होंने यह बात आजतक के सीधी बात कार्यक्रम में कही.
सीधी बात में विभिन्न मुद्दों पर अमित शाह ने अपनी बेबाक राय रखी. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों पर उन्होंने कहा कि हम हर चुनाव को गंभीरता से लेते हैं. चूंकि ये तीनों राज्य संगठनात्मक स्तर पर बहुत अच्छे राज्य हैं. यहां सबसे पहले भारतीय जनसंघ पला बढ़ा है और भारतीय जनता पार्टी भी बड़ी मजबूती से आगे बढ़ी. राजस्थान में 10 और बाकी दो राज्यों में हमारी 15-15 साल सरकार रही है. हम तीनों राज्यों में गंभीरता से चुनाव लड़ रहे हैं.
उन्होंने कहा, 'हम मध्य प्रदेश में अच्छे बहुमत से जीतेंगे. छत्तीसगढ़ में 50-55 सीटे जीतेंगे. इन तीनों राज्यों में एंटी इनकम्बेंसी पर कहा कि सत्ता विरोधी लहर वहां होती है जहां सरकार की योजनाओं से लाभान्वित होने के बजाय नाराज होने वालों की संख्या ज्यादा होती हैं. यहां प्रो-एंटी इन्कम्बेंसी है.
उन्होंने आगे कहा कि राम मंदिर का मुद्दा रणनीतिक नहीं है. ये केस नौ सालों से चल रहा है. हमने कभी नहीं कहा कि केस को टालो. हम सभी चाहते हैं केस सेटल हो जाए. कांग्रेस ने हमेशा मामले को टालने को कहा. हमारा बस चलता तो अब तक केस सेटल हो गया होता. अब तक मंदिर बन गया होता. आदेश नहीं तो अध्यादेश, इस सवाल पर अमित शाह ने कहा कि अभी हम जनवरी की राह देखेंगे.
सीबीआई में कोई दखल नहीं
राजस्थान चुनाव पर उन्होंने कहा कि इसे लेकर हम जरा भी चिंतित नहीं हैं. सीबीआई में विवाद के मुद्दे पर बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि इसमें सरकार ने कोई दखल नहीं दिया है. दो अधिकारियों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं. इसकी जांच के लिए मामले को सीवीसी को भेज दिया है. इसमें सरकार का कोई दखल नहीं है.
रविवार रात 6 राउंड हवाई फायरिंग
दिल्ली के इंद्रलोक में लोग तब दहशत में आ गए जब रविवार को देर रात स्कूटी सवार दो बदमाशों ने करीब 6 राउंड हवाई फायरिंग की. इस घटना को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए. हालांकि फरार होते वक्त ये बदमाश सीसीटीवी की जद में आ गए. स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पूरा मामला पार्किंग विवाद को लेकर है.
लोगों के मुताबिक गुरु पर्व की रात एक खास समुदाय के लोगों से दूसरे समुदाय के लोगों की लड़ाई हुई थी. इस लड़ाई की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है. इस फुटेज में दिख रहा कि एक खड़ी कार को दूसरी कार में सवार लोगों ने 6 बार टक्कर मारी और फरार हो गए. इसके बाद कार मालिक अपनी कार तक पहुंच जाता है. फिर दोनो तरफ से पत्थर बाजी शुरू हो जाती है.
मामले में एक शख्स गिरफ्तार
पुलिस ने इस बाबत मामला दर्ज कर एक शख़्स को गिरफ्तार भी कर लिया है. इस घटना के बाद से ही एक पक्ष दूसरे पर समझौते का दबाव बना रहा था. एक पक्ष ने समझौते को मानने से इनकार कर दिया, तो दूसरे पक्ष की ओर से रविवार को हवाई फायरिंग की गई. फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है. सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है. इसके साथ ही पुलिस ने इलाके के लोगों से भी ये अपील की है कि पार्किंग के इस विवाद को सामुदायिक झगड़े का रंग देने की कोशिश न करें.
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि अगर हमारे बस में होता तो अब तक राम मंदिर बन चुका होता. उन्होंने यह बात आजतक के सीधी बात कार्यक्रम में कही.
सीधी बात में विभिन्न मुद्दों पर अमित शाह ने अपनी बेबाक राय रखी. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों पर उन्होंने कहा कि हम हर चुनाव को गंभीरता से लेते हैं. चूंकि ये तीनों राज्य संगठनात्मक स्तर पर बहुत अच्छे राज्य हैं. यहां सबसे पहले भारतीय जनसंघ पला बढ़ा है और भारतीय जनता पार्टी भी बड़ी मजबूती से आगे बढ़ी. राजस्थान में 10 और बाकी दो राज्यों में हमारी 15-15 साल सरकार रही है. हम तीनों राज्यों में गंभीरता से चुनाव लड़ रहे हैं.
उन्होंने कहा, 'हम मध्य प्रदेश में अच्छे बहुमत से जीतेंगे. छत्तीसगढ़ में 50-55 सीटे जीतेंगे. इन तीनों राज्यों में एंटी इनकम्बेंसी पर कहा कि सत्ता विरोधी लहर वहां होती है जहां सरकार की योजनाओं से लाभान्वित होने के बजाय नाराज होने वालों की संख्या ज्यादा होती हैं. यहां प्रो-एंटी इन्कम्बेंसी है.
उन्होंने आगे कहा कि राम मंदिर का मुद्दा रणनीतिक नहीं है. ये केस नौ सालों से चल रहा है. हमने कभी नहीं कहा कि केस को टालो. हम सभी चाहते हैं केस सेटल हो जाए. कांग्रेस ने हमेशा मामले को टालने को कहा. हमारा बस चलता तो अब तक केस सेटल हो गया होता. अब तक मंदिर बन गया होता. आदेश नहीं तो अध्यादेश, इस सवाल पर अमित शाह ने कहा कि अभी हम जनवरी की राह देखेंगे.
सीबीआई में कोई दखल नहीं
राजस्थान चुनाव पर उन्होंने कहा कि इसे लेकर हम जरा भी चिंतित नहीं हैं. सीबीआई में विवाद के मुद्दे पर बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि इसमें सरकार ने कोई दखल नहीं दिया है. दो अधिकारियों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं. इसकी जांच के लिए मामले को सीवीसी को भेज दिया है. इसमें सरकार का कोई दखल नहीं है.
Tuesday, November 13, 2018
दसॉल्ट के CEO ने समझाई राफेल डील की A-B-C-D
विवाद पर देश में सड़क से संसद और सुप्रीम कोर्ट तक हंगामा मचा हुआ है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष मोदी सरकार पर इस डील में भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहा है.
फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने समाचार एजेंसी ANI को दिए गए इंटरव्यू में इस डील पर उठ रहे हर एक सवाल का जवाब दिया. इस इंटरव्यू में उन्होंने राहुल गांधी द्वारा लगाए गए हर आरोप को झूठा करार दिया.
राहुल को जवाब- मैं झूठ नहीं बोलता
एरिक ट्रैपियर ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह बिल्कुल निराधार हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दसॉल्ट और रिलायंस के बीच हुए ज्वाइंट वेंचर (JV) के बारे में सरासर झूठ बोला है. उन्होंने कहा कि डील के बारे में जो भी जानकारी दी गई है वह बिल्कुल सही है, क्योंकि वे झूठ नहीं बोलते हैं.
शुरुआत से ही भारत से रहे संबंध
एरिक ट्रैपियर ने बताया कि उनकी कंपनी और कांग्रेस का रिश्ता काफी पुराना रहा है, उनकी पहली डील 1953 में जवाहर लाल नेहरु के रहते हुए हुई थी. भारत में हमारी डील किसी पार्टी से नहीं बल्कि देश के साथ है, हम लगातार भारत सरकार को फाइटर जेट मुहैया कराते हैं.
पैसा रिलायंस नहीं ज्वाइंट वेंचर में लगाया
राफेल डील में रिलायंस के साथ करार पर उन्होंने कहा कि हमने जो पैसा इन्वेस्ट किया है वह रिलायंस नहीं बल्कि ज्वाइंट वेंचर में है. उन्होंने कहा कि इस वेंचर में रिलायंस ने भी पैसा लगाया है, हमारे इंजीनियर इंडस्ट्रीयल पार्ट को लीड करेंगे. इससे रिलायंस को भी एयरक्राफ्ट बनाने का एक्सपीरियंस मिलेगा. गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि दसॉल्ट ने रिलायंस को 284 करोड़ रुपये मदद के लिए दिए थे.
ऑफसेट में किसका-कितना हिस्सा
उन्होंने साफ किया कि ज्वाइंट वेंचर में 49 फीसदी हिस्सा दसॉल्ट और 51 फीसदी हिस्सा रिलायंस का है. इसमें कुल 800 करोड़ रुपये का इन्वेस्ट होगा, जिसमें दोनों कंपनियां 50-50 की हिस्सेदार होंगी. दसॉल्ट के सीईओ ने कहा कि ऑफसेट को जारी करने के लिए हमारे पास 7 साल थे, जिसमें शुरुआती 3 साल में हम बाध्य नहीं हैं कि ऑफसेट के साथी का नाम बताएं. उसके बाद 40 फीसदी हिस्सा 30 कंपनियों को दिया गया, इसमें से 10 फीसदी रिलायंस को दिया गया.
राफेल का आखिर कितना दाम?
राफेल के दाम के मुद्दे पर चुप्पी तोड़ते हुए उन्होंने कहा कि जो अभी एयरक्राफ्ट मिल रहे हैं, वह करीब 9 फीसदी सस्ते हैं. उन्होंने कहा कि जो 36 विमान का रेट है, वह मौजूदा 18 के बिल्कुल समान है. ये दाम दोगुना हो सकता था, लेकिन ये समझौता सरकार से सरकार के बीच का है इसलिए दाम नहीं बढ़ाया गया. बल्कि दाम 9 फीसदी सस्ता भी हुआ. सीईओ ने बताया कि उड़ने के लिए तैयार स्थिति में 36 कॉन्ट्रैक्ट वाले राफेल का दाम 126 कॉन्ट्रैक्ट वाले दाम से काफी सस्ता है.
साथ करार टूटने पर उन्होंने कहा कि जब 126 राफेल विमान के करार की बात चल रही थी, तब HAL से करार की ही बात थी. लेकिन डील सही तरीके से आगे बढ़ती तो करार HAL को ही मिलता. लेकिन 126 विमान का करार सही नहीं हुआ इसलिए 36 विमान के कॉन्ट्रैक्ट पर बात हुई. जिसके बाद ये करार रिलायंस के साथ आगे बढ़ा.
उन्होंने बताया कि आखिरी दिनों में HAL ने खुद कहा था कि वह इस ऑफसेट में शामिल होने का इच्छुक नहीं हैं. और रिलायंस के साथ करार का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया. एरिक बोले कि इस दौरान वह अन्य कंपनियों से करार के बारे में भी सोच रहे थे, जिसमें टाटा ग्रुप जैसे नाम शामिल थे. लेकिन उस समय हम निर्णय नहीं ले पाए, बाद में रिलायंस के साथ जाना तय हुआ.
क्या हथियारों से लैस होगा विमान?
जब उनसे पूछा गया कि क्या इन विमानों के साथ हथियार भी आएंगे, तो उन्होंने साफ किया कि ये विमान सभी उपकरणों से लैस होंगे. लेकिन इसमें कोई हथियार नहीं होंगे. हथियार को नए अन्य कॉन्ट्रैक्ट में भेजा जाएगा.
फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने समाचार एजेंसी ANI को दिए गए इंटरव्यू में इस डील पर उठ रहे हर एक सवाल का जवाब दिया. इस इंटरव्यू में उन्होंने राहुल गांधी द्वारा लगाए गए हर आरोप को झूठा करार दिया.
राहुल को जवाब- मैं झूठ नहीं बोलता
एरिक ट्रैपियर ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह बिल्कुल निराधार हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दसॉल्ट और रिलायंस के बीच हुए ज्वाइंट वेंचर (JV) के बारे में सरासर झूठ बोला है. उन्होंने कहा कि डील के बारे में जो भी जानकारी दी गई है वह बिल्कुल सही है, क्योंकि वे झूठ नहीं बोलते हैं.
शुरुआत से ही भारत से रहे संबंध
एरिक ट्रैपियर ने बताया कि उनकी कंपनी और कांग्रेस का रिश्ता काफी पुराना रहा है, उनकी पहली डील 1953 में जवाहर लाल नेहरु के रहते हुए हुई थी. भारत में हमारी डील किसी पार्टी से नहीं बल्कि देश के साथ है, हम लगातार भारत सरकार को फाइटर जेट मुहैया कराते हैं.
पैसा रिलायंस नहीं ज्वाइंट वेंचर में लगाया
राफेल डील में रिलायंस के साथ करार पर उन्होंने कहा कि हमने जो पैसा इन्वेस्ट किया है वह रिलायंस नहीं बल्कि ज्वाइंट वेंचर में है. उन्होंने कहा कि इस वेंचर में रिलायंस ने भी पैसा लगाया है, हमारे इंजीनियर इंडस्ट्रीयल पार्ट को लीड करेंगे. इससे रिलायंस को भी एयरक्राफ्ट बनाने का एक्सपीरियंस मिलेगा. गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि दसॉल्ट ने रिलायंस को 284 करोड़ रुपये मदद के लिए दिए थे.
ऑफसेट में किसका-कितना हिस्सा
उन्होंने साफ किया कि ज्वाइंट वेंचर में 49 फीसदी हिस्सा दसॉल्ट और 51 फीसदी हिस्सा रिलायंस का है. इसमें कुल 800 करोड़ रुपये का इन्वेस्ट होगा, जिसमें दोनों कंपनियां 50-50 की हिस्सेदार होंगी. दसॉल्ट के सीईओ ने कहा कि ऑफसेट को जारी करने के लिए हमारे पास 7 साल थे, जिसमें शुरुआती 3 साल में हम बाध्य नहीं हैं कि ऑफसेट के साथी का नाम बताएं. उसके बाद 40 फीसदी हिस्सा 30 कंपनियों को दिया गया, इसमें से 10 फीसदी रिलायंस को दिया गया.
राफेल का आखिर कितना दाम?
राफेल के दाम के मुद्दे पर चुप्पी तोड़ते हुए उन्होंने कहा कि जो अभी एयरक्राफ्ट मिल रहे हैं, वह करीब 9 फीसदी सस्ते हैं. उन्होंने कहा कि जो 36 विमान का रेट है, वह मौजूदा 18 के बिल्कुल समान है. ये दाम दोगुना हो सकता था, लेकिन ये समझौता सरकार से सरकार के बीच का है इसलिए दाम नहीं बढ़ाया गया. बल्कि दाम 9 फीसदी सस्ता भी हुआ. सीईओ ने बताया कि उड़ने के लिए तैयार स्थिति में 36 कॉन्ट्रैक्ट वाले राफेल का दाम 126 कॉन्ट्रैक्ट वाले दाम से काफी सस्ता है.
साथ करार टूटने पर उन्होंने कहा कि जब 126 राफेल विमान के करार की बात चल रही थी, तब HAL से करार की ही बात थी. लेकिन डील सही तरीके से आगे बढ़ती तो करार HAL को ही मिलता. लेकिन 126 विमान का करार सही नहीं हुआ इसलिए 36 विमान के कॉन्ट्रैक्ट पर बात हुई. जिसके बाद ये करार रिलायंस के साथ आगे बढ़ा.
उन्होंने बताया कि आखिरी दिनों में HAL ने खुद कहा था कि वह इस ऑफसेट में शामिल होने का इच्छुक नहीं हैं. और रिलायंस के साथ करार का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया. एरिक बोले कि इस दौरान वह अन्य कंपनियों से करार के बारे में भी सोच रहे थे, जिसमें टाटा ग्रुप जैसे नाम शामिल थे. लेकिन उस समय हम निर्णय नहीं ले पाए, बाद में रिलायंस के साथ जाना तय हुआ.
क्या हथियारों से लैस होगा विमान?
जब उनसे पूछा गया कि क्या इन विमानों के साथ हथियार भी आएंगे, तो उन्होंने साफ किया कि ये विमान सभी उपकरणों से लैस होंगे. लेकिन इसमें कोई हथियार नहीं होंगे. हथियार को नए अन्य कॉन्ट्रैक्ट में भेजा जाएगा.
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